निर्देशक: Inés Pintor
तबियत बिगड़ने की वजह से 76 दिनों तक घर में रहने पर, क्लैरा का एक ही काम है, रेडियो पर अपना मनपसंद शो सुनना, "मेरी आवाज़ सुनो।" लेकिन एक दिन, वह सोचती है : क्या यह मुमकिन है कि सिर्फ़ रेडियो पर किसी की आवाज़ सुनकर, आपको उससे प्यार हो जाए? क्या सच में उसके मन में रेडियो शो के मेज़बान, कांग के लिए जज़्बात हैं?